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मैनेजमेंट गुरुओं ने केस स्टडी लिखने के गुर बताए
प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च में राष्ट्रिय केस राइटिंग कार्यशाला संपन्न
इंदौर। प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, इंदौर द्वारा एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन मैनेजमेंट स्कूल्स के सहयोग से तीन दिवसीय राष्ट्रिय केस राइटिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें प्रबंधन, कॉमर्स एवं कानून जैसे अनेकों विधाओं से 76 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागी होटल, फ़ूड, पेपर बॉक्स, कोआपरेटिव सेक्टर जैसे अलग अलग उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर, सम्बंधित आद्योगिक संस्थानों के परिसरों में जाकर उद्योगों के बारे में, उनकी सफलता एवं असफलताओं, उद्योग में होने वाले अवरोधों, इत्यादि के बारे विस्तृत जानकारी प्राप्त कर, उनका केस स्टडी तैयार किया।
प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (पी जी) की डायरेक्टर, डॉ योगेश्वरी फाटक ने बताया कि राष्ट्रिय स्तर के केस राइटिंग आयोजन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागियों को एक मंच मुहैया करना, उन्हें अलग अलग क्षेत्रों के उद्योग जगत के लोगों से संवाद स्थापित करवाना तथा इन उद्योगों का केस स्टडी तैयार करना, जिसका लाभ प्रबंध संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों, भावी प्रबंधकों एवं फैकल्टीज को मिल सके। उन्होंने कहा क़ि प्रबंध शिक्षा में अध्ययन कर रहे छात्रों को उद्योगों के केस स्टडी के माध्यम से उन्हें सही करियर चुनने की दिशा में उचित मार्गर्शन प्राप्त होगा।

राष्ट्रिय केस राइटिंग कार्यशाला की कोऑर्डिनेटर तथा प्रेस्टीज प्रबंध संस्थान की एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. हर्षा जरीवाला ने कहा की प्रेस्टीज प्रबंध संस्थान द्वारा वर्ष 1994 से साल में दो बार इस तरह के कार्यशाला का आयोजन किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य होता है संस्थान के मैनेजमेंट पाठ्यक्रम के छात्र छात्रों, फैकल्टीज को केस राइटिंग की बारीकियों के बारे बताना, जिससे कि वो सम्बंधित उद्द्योगों के सफलता, असफलता एवं विकास की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सम्बंधित उद्योगों का केस स्टडी कर लिखित रूप में उसका रिपोर्ट तैयार कर सकें।
कार्यशाला के प्रारंभिक सत्र में प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कार्यशाला के रिसोर्स पर्सन एवं आईआई एम् कोलकाता के डॉ. प्रशांत मिश्र ने केस राइटिंग के तकनिकी पक्षों और उसके इतिहास के बारे में प्रतिभागियों को विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि केस राइटिंग का उपयोग सर्वप्रथम मेडिकल साइंस एवं लॉ के क्षेत्र में किया गया था तथा बाद में इसका उपयोग मैनेजमेंट एवं सोशल साइंस के क्षेत्रों में भी किया जाने लगा। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को उद्योगों के अच्छे केस स्टडी तैयार करने के सम्बन्ध में कुछ महत्वपूर्ण टिप्स भी बताया। .
प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के डॉ सरफ़राज़ अंसारी एवं पल्लवी अग्रवाल ने केस स्टडी सौपनें के दिशा निर्देश पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (यु जी ) के डायरेक्टर डॉ. आर के शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किये। डॉ. हर्षा जरीवाला ने कारशायल का संयोजन किया।


